Maiya Samman Yojana 17th 18th Installment Date :- झारखंड राज्य में रहने वाली महिलाओं के लिए एक खुशी भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही मैया सम्मान योजना के अंतर्गत हाल ही में दो किस्तों की राशि एक साथ जारी की गई है। जनवरी 2026 की शुरुआत से ही इस योजना की 17वीं और 18वीं किस्त का पैसा लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाना शुरू हो गया है। यह राशि सीधे महिलाओं के आधार से जुड़े खाते में जमा हो रही है, जिससे किसी भी तरह की बिचौलियों की समस्या नहीं आती।
इस बार की किस्तों में कुल पांच हजार रुपये एक साथ ट्रांसफर किए जा रहे हैं। यह योजना उन महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं। सरकार ने साफ किया है कि जिन महिलाओं की पिछली किस्तें किसी कारणवश रुकी हुई थीं, उन्हें भी यह राशि मिलेगी। दस्तावेजों में छोटी-मोटी गलतियों को भी सुधारा जा रहा है ताकि कोई भी पात्र महिला इस लाभ से वंचित न रहे।
योजना की मूल जानकारी और उद्देश्य
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस योजना की नींव रखी थी। इसका मुख्य लक्ष्य प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। इस योजना के माध्यम से 21 साल से लेकर 50 साल तक की उम्र की महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह पैसा दो महीने के अंतराल पर ढाई-ढाई हजार की दो किस्तों में भेजा जाता है। अब तक प्रदेश भर में लाखों महिलाएं इस योजना से जुड़ चुकी हैं और उन्हें इसका सीधा फायदा मिल रहा है।
इस योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग महिलाएं अपने घर के दैनिक खर्चों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों या फिर छोटे व्यवसाय शुरू करने में कर सकती हैं। कई महिलाओं ने बताया है कि यह पैसा उनके परिवार के लिए बहुत मददगार साबित हो रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए यह राशि एक बड़े सहारे के रूप में काम कर रही है। योजना की शुरुआत 2024 में हुई थी और तब से लगातार इसका विस्तार किया जा रहा है।
नई किस्तों की पूरी जानकारी
हाल ही में जारी की गई 17वीं किस्त जनवरी और फरवरी महीने के लिए है, जबकि 18वीं किस्त मार्च और अप्रैल के महीनों को कवर करती है। दोनों किस्तों को एक साथ मिलाकर कुल पांच हजार रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है। यह प्रक्रिया डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के जरिए की जा रही है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं रहती।
यह राशि उन सभी महिलाओं को मिलेगी जिनकी किस्तें पहले किसी कारणवश लंबित थीं। सरकार ने इस बार विशेष ध्यान दिया है कि कोई भी पात्र महिला छूट न जाए। तीन जनवरी 2026 से ही पहले चरण में आठ जिलों की महिलाओं के खातों में पैसा आना शुरू हो गया। बाकी जिलों में यह प्रक्रिया चार से पांच जनवरी तक पूरी होने की उम्मीद है। अगर किसी को अभी तक राशि नहीं मिली है तो उन्हें दस जनवरी तक इंतजार करना चाहिए।
कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ
इस योजना का फायदा लेने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक महिला की उम्र 21 साल से 50 साल के बीच होनी चाहिए। उसे झारखंड का मूल निवासी होना जरूरी है। इसके साथ ही उसके पास एनएफएसए या एसएफएसए राशन कार्ड होना अनिवार्य है। परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए। विशेष रूप से विधवा महिलाओं, तलाकशुदा महिलाओं और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है।
हालांकि, अगर परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है तो वह महिला इस योजना के लिए पात्र नहीं मानी जाएगी। आवेदन करने के लिए महिला को योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होता है। वहां जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, राशन कार्ड और निवास प्रमाण पत्र अपलोड करने होते हैं। आवेदन प्रक्रिया काफी सरल बनाई गई है ताकि ग्रामीण इलाकों की महिलाएं भी आसानी से इसका लाभ उठा सकें।
अपनी किस्त का स्टेटस कैसे जानें
योजना के तहत मिलने वाली किस्त का स्टेटस चेक करना बेहद आसान है। सबसे पहले आपको योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां होमपेज पर लाभार्थी स्टेटस का विकल्प दिखाई देगा। उस पर क्लिक करने के बाद आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर डालना होगा। फिर आपके रजिस्टर्ड नंबर पर एक ओटीपी आएगा। उस ओटीपी को वेरिफाई करने के बाद आपके सामने पूरी जानकारी खुल जाएगी कि आपकी किस्त कब और कितनी आई है।
इसके अलावा आप अपनी बैंक पासबुक चेक करके या यूपीआई ऐप में अपना बैलेंस देखकर भी पता लगा सकते हैं कि पैसा आया है या नहीं। अगर किसी तरह की समस्या आती है तो आप अपने नजदीकी सीएससी सेंटर जाकर मदद ले सकते हैं। सरकार ने एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है जहां लाइव अपडेट मिलते रहते हैं। इस ऐप के माध्यम से भी आप अपनी किस्त की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
समस्या होने पर क्या करें
अगर आपकी पिछली कोई किस्त रुकी हुई है या फिर नई किस्त में कोई दिक्कत आ रही है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार ने इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है जहां आप कॉल करके अपनी समस्या बता सकते हैं। इस नंबर पर विशेषज्ञ आपकी मदद करेंगे और बताएंगे कि आपको क्या करना है। कई बार दस्तावेजों में छोटी-मोटी गलतियों के कारण किस्त रुक जाती है। ऐसे में आपको अपने कागजात दोबारा चेक करवाने होते हैं।
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जिन महिलाओं का आधार कार्ड या राशन कार्ड में कोई समस्या थी, उसे जल्द से जल्द सुलझाया जाए। विभाग के अधिकारी लगातार इस पर नजर रख रहे हैं कि सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर पैसा मिले। अगर आपको लगता है कि आप पात्र हैं लेकिन फिर भी राशि नहीं आई है तो आप अपने ब्लॉक कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं।
योजना का सामाजिक प्रभाव और महत्व
मैया सम्मान योजना ने झारखंड की महिलाओं के जीवन में वास्तविक बदलाव लाया है। यह सिर्फ पैसों की बात नहीं है बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को बढ़ाने का भी माध्यम है। जब एक महिला के पास अपनी थोड़ी सी आय होती है तो वह परिवार में अपनी राय रख पाती है। वह अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च करने के फैसले खुद ले सकती है। कई महिलाओं ने इस राशि से छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं जैसे सिलाई का काम, मुर्गी पालन या सब्जी की दुकान।
ग्रामीण इलाकों में जहां महिलाओं को आर्थिक निर्णयों में हिस्सा नहीं मिलता था, वहां अब उनकी भूमिका बढ़ी है। यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। सरकार का मानना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी तो पूरा समाज तरक्की करेगा। इस योजना से मिलने वाली राशि पूरी तरह से कर मुक्त है और इसे किसी भी जरूरत के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
जरूरी सुझाव और सावधानियां
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहली बात यह है कि अपने सभी दस्तावेज हमेशा अपडेट रखें। अगर आपका फोन नंबर बदल गया है तो उसे तुरंत अपडेट करवाएं। आधार कार्ड में दिया गया पता और बैंक खाते की जानकारी सही होनी चाहिए। कई बार फर्जी मैसेज आते हैं जिनमें लिंक पर क्लिक करने को कहा जाता है। ऐसे किसी भी संदेश पर भरोसा न करें और किसी को भी अपना ओटीपी या बैंक की जानकारी न दें।
सरकार कभी भी फोन पर या मैसेज के जरिए आपकी व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगती। अगर कोई ऐसा करता है तो समझ जाइए कि वह धोखाधड़ी है। हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही उपयोग करें। अगर नया आवेदन करना है तो सरकारी सीएससी सेंटर जाएं जहां प्रशिक्षित लोग आपकी मदद करेंगे। योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सूत्रों पर ही भरोसा करें। यह योजना महिलाओं के कल्याण के लिए है इसलिए इसका सही तरीके से लाभ उठाएं और दूसरी महिलाओं को भी इसके बारे में बताएं
