Pashupalan Loan Yojana पशु पालन लोन योजना में सभी गरीब किसान भाइयों को 5 लाख रुपए का लोन मिलना हुआ शुरू

भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों लोग खेती के साथ-साथ पशुपालन […]

भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों लोग खेती के साथ-साथ पशुपालन का काम भी करते हैं। गाय, भैंस, बकरी या मुर्गी पालन से न सिर्फ घर के लिए दूध और अंडे मिलते हैं बल्कि इससे अच्छी कमाई भी होती है। लेकिन समस्या यह है कि पशुपालन शुरू करने के लिए काफी पूंजी की जरूरत होती है। अच्छी नस्ल के पशु खरीदना, उनके लिए शेड बनाना, चारा-दाना का इंतजाम करना – ये सब काफी महंगा पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों ने पशुपालन लोन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत किसानों और ग्रामीण युवाओं को सस्ते ब्याज पर लोन मिलता है और साथ में भारी सब्सिडी भी दी जाती है। आइए जानते हैं इस योजना के बारे में विस्तार से।

पशुपालन को बढ़ावा देने की सरकारी पहल

पशुपालन लोन योजना असल में सरकार की एक सोची-समझी रणनीति है जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बनाई गई है। यह योजना नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के तहत चलाई जा रही है और इसके साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड पशुपालन, नंद बाबा दुग्ध मिशन और मुख्यमंत्री पशुधन मिशन जैसी अन्य योजनाएं भी जुड़ी हुई हैं। इन सभी योजनाओं का एक ही मकसद है – छोटे किसानों और ग्रामीण युवाओं को बिना ज्यादा पूंजी लगाए पशुपालन का काम शुरू करने में मदद करना। सरकार का मानना है कि अगर लोगों को सही समय पर पैसे की मदद मिल जाए तो वे अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं। साल दो हजार छब्बीस में इस योजना को और भी मजबूत बनाया गया है और अब लोन की सीमा दस लाख रुपये तक बढ़ा दी गई है।

कितनी मिलती है सब्सिडी और लोन

इस योजना की सबसे आकर्षक बात यह है कि सरकार पच्चीस से पचास प्रतिशत तक सब्सिडी देती है। इसका मतलब यह है कि अगर आपको पशु खरीदने और शेड बनाने में कुल दो लाख रुपये खर्च करने हैं, तो इसमें से एक लाख रुपये तक सरकार दे देगी। बाकी की रकम आपको बैंक से कम ब्याज पर लोन के रूप में मिल जाएगी। उदाहरण के लिए अगर आप देसी नस्ल की गाय खरीदना चाहते हैं तो आपको चालीस से साठ हजार रुपये प्रति पशु की सब्सिडी मिल सकती है। भैंस के लिए यह रकम साठ से अस्सी हजार रुपये तक हो सकती है। लोन की राशि पचास हजार रुपये से लेकर दस लाख रुपये तक हो सकती है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितने बड़े स्तर पर पशुपालन शुरू करना चाहते हैं। छोटे फार्म के लिए एक से दो लाख रुपये काफी होते हैं जबकि बड़े डेयरी फार्म के लिए ज्यादा रकम की जरूरत पड़ती है।

योजना के पीछे छिपे हैं बड़े उद्देश्य

पशुपालन लोन योजना सिर्फ पैसे देने तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे कुछ बड़े और दूरगामी उद्देश्य हैं। पहला और सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है ग्रामीण इलाकों में रोजगार पैदा करना। जब युवा पशुपालन का काम शुरू करते हैं तो न सिर्फ उन्हें खुद रोजगार मिलता है बल्कि वे दूसरों को भी काम दे सकते हैं। दूसरा उद्देश्य है देसी नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देना। गिर, साहिवाल और थारपारकर जैसी देसी गायें ज्यादा दूध देती हैं और उनकी देखभाल भी आसान होती है। तीसरा लक्ष्य है किसानों की आय को दोगुना करना। जब खेती के साथ-साथ पशुपालन भी चलता है तो परिवार की कुल आमदनी बढ़ जाती है। इसके अलावा चारे की कमी को दूर करने और पशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भी इस योजना में विशेष प्रावधान हैं।

बीमा और प्रशिक्षण की सुविधा

पशुपालन लोन योजना में एक और बड़ा फायदा यह है कि इसमें पशु बीमा की सुविधा भी शामिल है। अगर दुर्भाग्यवश किसी पशु की मृत्यु हो जाती है तो पूरा नुकसान बीमा कंपनी द्वारा कवर किया जाता है। राजस्थान की मंगला पशु बीमा योजना इसका एक अच्छा उदाहरण है। इसके अलावा सरकार मुफ्त में प्रशिक्षण भी देती है। अगर आप पहली बार पशुपालन का काम शुरू कर रहे हैं और आपको इसकी पूरी जानकारी नहीं है तो आपको सिखाया जाता है कि पशुओं की देखभाल कैसे करें, उन्हें क्या खिलाएं, बीमारियों से कैसे बचाएं और दूध को कैसे बेचें। यह प्रशिक्षण बहुत काम का होता है और नए पशुपालकों को आत्मविश्वास देता है। लोन की किस्तें भी बहुत आसान होती हैं। आपको पांच से सात साल का समय मिलता है और शुरुआत में मोहलत अवधि भी दी जाती है यानी तुरंत किस्त नहीं चुकानी पड़ती।

कौन ले सकता है इस योजना का लाभ

पशुपालन लोन योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आसान शर्तें हैं। सबसे पहली बात तो यह है कि आप भारतीय नागरिक होने चाहिए और ग्रामीण या अर्ध-शहरी इलाके में रहते हों। छोटे और सीमांत किसान, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, किसान उत्पादक संगठन या बेरोजगार युवा इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आपकी उम्र कम से कम अठारह साल होनी चाहिए और आधार कार्ड होना जरूरी है। अलग-अलग राज्यों में थोड़े अलग नियम हो सकते हैं। मसलन मध्य प्रदेश में पशुपालन सहकारी समितियों के सदस्यों को प्राथमिकता दी जाती है। एक और जरूरी बात यह है कि आपका पहले से कोई बकाया लोन नहीं होना चाहिए। महिलाओं और अनुसूचित जाति या जनजाति के लोगों को कुछ अतिरिक्त छूट भी मिलती है जैसे दस प्रतिशत ज्यादा सब्सिडी।

आवेदन करने का तरीका बेहद सरल है

पशुपालन लोन के लिए आवेदन करना बिल्कुल आसान है और आप इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीके से कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए आपको सरकारी पोर्टल जैसे माय स्कीम डॉट गव डॉट इन या उद्यमी मित्र की वेबसाइट पर जाना होगा। वहां अपना रजिस्ट्रेशन करें और फॉर्म भरें। आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी, कितने पशु खरीदने हैं और कितना खर्च आएगा जैसी बातें भरनी होंगी। जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें और अपने नजदीकी बैंक को चुनें। फॉर्म सबमिट करने के लिए थोड़ी सी फीस भी देनी होती है। अगर आप ऑनलाइन नहीं कर सकते तो अपने नजदीकी बैंक की शाखा, पशु चिकित्सालय या जिला पशुपालन कार्यालय में जाकर फॉर्म ले सकते हैं। उसे भरकर जमा कर दें। पंद्रह दिनों के अंदर आपका आवेदन जांचा जाता है और लोन मंजूर हो जाता है।

जरूरी कागजात की सूची

आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेज लगते हैं जो आसानी से मिल जाते हैं। इनमें आधार कार्ड और वोटर आईडी पहचान के लिए चाहिए होते हैं। बैंक की पासबुक और आईएफएससी कोड भी जरूरी है क्योंकि पैसा सीधे आपके खाते में आएगा। निवास प्रमाण के लिए राशन कार्ड या बिजली का बिल लगा सकते हैं। आय प्रमाण पत्र या अगर आपके पास किसान क्रेडिट कार्ड है तो वह भी दिखाना होगा। एक छोटी सी प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी बनानी होती है जिसमें आप बताएंगे कि कितने पशु खरीदेंगे और कैसे काम करेंगे। दो पासपोर्ट साइज फोटो और अगर आप एससी या एसटी वर्ग से हैं तो उसका प्रमाण पत्र भी लगेगा। सभी कागजातों पर अपने हस्ताक्षर करके सेल्फ अटेस्ट कर दें।

छोटी शुरुआत से करें बड़ी कमाई

पशुपालन शुरू करते समय एक सलाह यह है कि छोटे स्तर से शुरुआत करें। पहले दो-तीन पशु लें और जब आपको अनुभव हो जाए तब धीरे-धीरे बढ़ाएं। स्थानीय बाजार का सर्वेक्षण करें और देखें कि आपके इलाके में दूध की कितनी मांग है। अगर संभव हो तो समूह में आवेदन करें क्योंकि स्वयं सहायता समूहों को ज्यादा फायदा मिलता है। नियमित रूप से पशु चिकित्सक से सलाह लेते रहें और पशुओं का टीकाकरण समय पर करवाएं। पशुपालन लोन योजना सिर्फ आर्थिक मदद नहीं बल्कि एक नई जिंदगी की शुरुआत है। अगर आप मेहनत करने को तैयार हैं तो यह योजना आपकी किस्मत बदल सकती है।

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