SBI Pashupalan Loan Yojana: किसान भाइयों के शुरू हो गये अच्छे दिन, सरकार पशु पालन के लिए दे रही 10 लाख तक का लोन

SBI Pashupalan Loan Yojana :- भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि के साथ-साथ पशुपालन का भी बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। गांवों में […]

SBI Pashupalan Loan Yojana :- भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि के साथ-साथ पशुपालन का भी बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। गांवों में रहने वाले लाखों परिवार अपनी आजीविका के लिए गाय, भैंस, बकरी, मुर्गी या मछली पालन पर निर्भर हैं। लेकिन इस व्यवसाय को शुरू करने या बढ़ाने के लिए पूंजी की जरूरत होती है। पशु खरीदना, उनके लिए शेड बनाना, चारा-दाना की व्यवस्था करना और दवाइयों का खर्च उठाना – ये सब काफी महंगा पड़ता है। छोटे किसानों और पशुपालकों के लिए इतना पैसा इकट्ठा करना मुश्किल होता है। इसी समस्या को देखते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एसबीआई पशुपालन लोन योजना शुरू की है। यह योजना किसानों को बहुत कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराती है ताकि वे अपना पशुपालन व्यवसाय शुरू कर सकें या उसे और बड़ा बना सकें। आइए जानते हैं इस योजना के बारे में विस्तार से।

पशुपालन से जुड़ी सभी गतिविधियों के लिए मदद

एसबीआई पशुपालन लोन योजना का मुख्य उद्देश्य पशुपालन और इससे जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के लिए कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत आप डेयरी फार्मिंग के लिए ऋण ले सकते हैं। अगर आप मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो लेयर या ब्रॉयलर फार्मिंग के लिए भी पैसा मिल सकता है। भेड़-बकरी पालन, सुअर पालन या ऊन उत्पादन के लिए खरगोश पालन भी इसमें शामिल है। इसके अलावा अगर आप मत्स्य पालन में रुचि रखते हैं तो ताजे पानी में मछली-झींगा पालन, खारे पानी में केकड़ा पालन या मछली के बीज उत्पादन के लिए भी इस योजना से मदद मिल सकती है। यह ऋण किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत आता है जो सरकार द्वारा समर्थित है। इससे किसानों को मौसमी खर्चों जैसे चारा, दवाइयां, बीज और छोटे उपकरण खरीदने में बहुत मदद मिलती है।

ऋण की सीमा और सुविधाएं

एसबीआई पशुपालन लोन योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें न्यूनतम ऋण की कोई सीमा नहीं है। आप अपनी जरूरत के हिसाब से कम से कम राशि भी ले सकते हैं। अधिकतम सीमा पचास लाख रुपये तक है जो बड़े पशुपालन व्यवसाय के लिए काफी होती है। आपको कितना ऋण मिलेगा यह जिला स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा तय किया जाता है जो स्थानीय लागत को देखते हुए फैसला लेती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस योजना में अलग से कोई मार्जिन नहीं लगता क्योंकि वित्त की स्केल में यह पहले से ही शामिल होता है। सुरक्षा के रूप में आपके पशुधन, चारा और बैंक से खरीदी गई संपत्तियों को गिरवी रखा जाता है। दो लाख रुपये तक के ऋण पर किसी संपार्श्विक सुरक्षा की जरूरत नहीं होती। प्रोसेसिंग फीस भी तीन लाख रुपये तक शून्य है और उसके बाद केवल साढ़े छह प्रतिशत जीएसटी के साथ लगती है।

कौन ले सकता है इस योजना का लाभ

एसबीआई पशुपालन लोन योजना के लिए पात्रता की शर्तें बहुत सरल हैं। अगर आप पशुपालन करना चाहते हैं तो आप व्यक्तिगत किसान के रूप में आवेदन कर सकते हैं। संयुक्त उधारकर्ता, जॉइंट लायबिलिटी ग्रुप या स्वयं सहायता समूह भी आवेदन कर सकते हैं। डेयरी किसान, मुर्गी पालक, भेड़-बकरी-सुअर पालने वाले सभी इस योजना के लिए योग्य हैं। आपके पास अपना शेड हो, किराए का हो या पट्टे पर लिया हुआ हो – कोई फर्क नहीं पड़ता। यहां तक कि किरायेदार किसान भी आवेदन कर सकते हैं। मछुआरे और मछली पालन करने वाले किसान भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। उनके पास तालाब, टैंक, जाल, नाव या हैचरी जैसी संपत्ति होनी चाहिए और राज्य की अनुमति होनी चाहिए। एक जरूरी शर्त यह है कि आवेदक किसी अन्य बैंक का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए और उम्र अठारह साल से ज्यादा होनी चाहिए। यह योजना विशेष रूप से महिलाओं और छोटे समूहों को प्रोत्साहित करती है।

बेहद कम ब्याज दर और लचीली चुकौती

एसबीआई पशुपालन लोन योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम ब्याज दर है। दो लाख रुपये तक के ऋण पर सिर्फ सात प्रतिशत सालाना ब्याज लगता है जो फिक्स्ड है। इसमें सरकार डेढ़ प्रतिशत की सब्सिडी देती है। सबसे बड़ी बात यह है कि अगर आप समय पर अपनी किस्त चुका देते हैं तो आपको अतिरिक्त तीन प्रतिशत की छूट मिलती है। इस तरह आपकी असली ब्याज दर घटकर केवल चार प्रतिशत रह जाती है जो बहुत कम है। अगर समय पर भुगतान नहीं करते हैं तो बैंक की सामान्य दर लागू हो जाती है। ऋण की चुकौती भी बहुत लचीली है। आप अपने व्यवसाय के अनुसार वार्षिक या फसल चक्र के आधार पर किस्तें चुका सकते हैं। आमतौर पर बारह से अठारह महीने की अवधि दी जाती है। सबसे अच्छी बात यह है कि ब्याज केवल उतनी ही राशि पर लगता है जितनी आपने उपयोग की है, पूरी स्वीकृत राशि पर नहीं।

जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया

एसबीआई पशुपालन लोन के लिए बहुत ज्यादा दस्तावेजों की जरूरत नहीं होती। आपको एक आवेदन पत्र भरना होगा और दो पासपोर्ट साइज फोटो देनी होंगी। पहचान प्रमाण के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट में से कोई एक चलेगा। पते के प्रमाण के लिए भी आधार कार्ड, वोटर आईडी या बिजली का बिल दे सकते हैं। अगर आपके पास पहले से कोई शेड है तो उसके स्वामित्व के कागजात चाहिए। पशु या मछली के बीज का प्रमाण पत्र भी देना होगा। मछली पकड़ने के लिए लाइसेंस या अनुमति अगर लागू हो तो वह भी जरूरी है। आधार विवरण और ईकेवाईसी अनिवार्य है। आवेदन करना बहुत आसान है। आप एसबीआई की अपनी नजदीकी शाखा में जाकर किसान क्रेडिट कार्ड का फॉर्म ले सकते हैं। आप चाहें तो एसबीआई की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं। फॉर्म भरने के बाद बैंक के अधिकारी आपकी जगह पर आकर सत्यापन करेंगे। जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन के बाद पंद्रह से तीस दिनों में आपका ऋण स्वीकृत हो जाता है।

योजना के अनेक फायदे

एसबीआई पशुपालन लोन योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है बल्कि इसके कई अन्य फायदे भी हैं। सबसे बड़ा लाभ यह है कि आपको बहुत कम ब्याज पर ऋण मिलता है जिससे व्यवसाय विस्तार करना आसान हो जाता है। ऋण चुकाने में लचीलापन होने से आप पर कोई अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता। केवल उपयोग की गई राशि पर ब्याज लगना और कोई छिपा हुआ शुल्क न होना इस योजना को और भी आकर्षक बनाता है। स्वयं सहायता समूह और महिलाओं को प्राथमिकता देकर यह योजना समाज के सभी वर्गों को समान अवसर देती है। पशुपालन से आय बढ़ाकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन होता है और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। सरकारी सब्सिडी से किसानों पर बोझ कम होता है और वे आसानी से ऋण चुका सकते हैं। अगर आप पशुपालन में रुचि रखते हैं तो यह योजना आपके लिए एक सुनहरा अवसर है। आज ही अपनी नजदीकी एसबीआई शाखा में जाएं और इस योजना का लाभ उठाएं।

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